सुक्खू कैबिनेट के बड़े फैसले: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 1000 रुपये बढ़ा, दूध प्रोत्साहन राशि छह रुपये प्रति लीटर; 33 लघु बिजली परियोजनाओं का आवंटन रद्द
बोह घाटी के आपदा प्रभावित परिवारों को 7.50 लाख रुपये की राहत, दिव्यांगों की पेंशन 3000 रुपये; 100 और स्कूल सीबीएसई से जुड़ेंगे
मत्स्य पालकों को 100 रुपये प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य, वन विभाग में 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड होंगे भर्ती; सुजानपुर होली मेले को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय दर्जा
शिमला, 10 अक्तूबर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि-बागवानी और आपदा राहत से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने जल शक्ति विभाग में 4090 पैरा वर्करों की नियुक्ति को मंजूरी दी। इनमें पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और मल्टीपर्पज वर्कर शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में 500 असिस्टेंट स्टाफ नर्सों के पद भरने, शिक्षा विभाग में 320 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बैकलॉग भर्ती और वन विभाग में 500 असिस्टेंट फॉरेस्ट गार्ड नियुक्त करने के लिए नीतिगत मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने प्रदेश के 100 और स्कूलों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने के लिए नई योजना तैयार करने का निर्णय लिया। इन स्कूलों के लिए 3900 शिक्षकों और 900 गैर-शिक्षक कर्मचारियों के पद भरने को भी मंजूरी दी गई। छूटे हुए एसएमसी शिक्षकों, जिनमें पीजीटी और टीजीटी शामिल हैं, के लिए सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) परीक्षा आयोजित की जाएगी। सरकारी स्कूलों में आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों के पद भी एलडीआर के माध्यम से भरने का फैसला लिया गया।
आंगनबाड़ी और वन मित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 5800 रुपये से बढ़ाकर 6800 रुपये करने को मंजूरी दी। विधवाओं, निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद पर नियुक्ति की वार्षिक आय सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है।
वन मित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में भी 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। पूर्ण रूप से दिव्यांग व्यक्तियों की मासिक पेंशन भी एक अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 3000 रुपये करने को मंजूरी दी गई।
दूध पर छह रुपये प्रोत्साहन, किसानों को मिलेगा बाजार
प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को राहत देते हुए कैबिनेट ने दूध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि तीन रुपये से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया। साथ ही सरकारी विभागों को अपनी दूध और दुग्ध उत्पादों की जरूरतें मिल्कफेड से पूरी करने के निर्देश देने को मंजूरी दी गई। इससे दुग्ध उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराने और दूध की बिक्री को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जलाशयों में मछली पालन करने वाले मछुआरों के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत जलाशय की मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 100 रुपये प्रति किलो निर्धारित होगा। यदि नीलामी में मछली इससे कम कीमत पर बिकती है तो राज्य सरकार अधिकतम 20 रुपये प्रति किलो तक सब्सिडी देगी। ट्राउट पालकों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा देने के लिए एक करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ ट्राउट रिस्क फंड योजना लागू करने को भी मंजूरी दी गई।
बोह घाटी के प्रभावित परिवारों को विशेष राहत पैकेज
कांगड़ा जिले की बोह घाटी में आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी दी गई। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि घरेलू सामान के नुकसान की भरपाई के लिए एक लाख रुपये मिलेंगे। प्रभावित परिवारों को छह महीने तक मुफ्त राशन और किराये के लिए 5000 रुपये की सहायता भी दी जाएगी।
पशुधन और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए भैंस के नुकसान पर 55 हजार रुपये, बकरी या भेड़ के नुकसान पर 15 हजार रुपये और मत्स्य पालन में नुकसान पर एक लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। फसल नुकसान पर प्रति कनाल 2000 रुपये और कृषि भूमि को नुकसान होने पर 5000 रुपये दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बढ़ेंगी सुविधाएं
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में कई पदों को भरने की मंजूरी दी गई। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में 24 विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सा अधिकारियों के पद भरे जाएंगे। चिकित्सा शिक्षा विभाग में 30 रेडियोलॉजिस्ट, 13 क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और छह परफ्यूजनिस्ट के पद भरने को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य विभाग में आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के लिए 10 रेडियोग्राफर भी नियुक्त किए जाएंगे।
इसके अलावा कुल्लू में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थान (एमसीएच) के लिए 10 पद सृजित कर भरे जाएंगे। चंबा स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज में 60 सीटों वाला सरकारी नर्सिंग कॉलेज स्थापित किया जाएगा। दो स्वतंत्र सुपर स्पेशियलिटी विभाग—क्रिटिकल केयर मेडिसिन और सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी—स्थापित करने के साथ ब्लड ट्रांसफ्यूजन, एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभागों को मजबूत किया जाएगा।
शिक्षा विभाग में 29 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) की नियुक्ति अनुकंपा आधार पर करने को भी मंजूरी दी गई। कॉलेज कैडर में 320 असिस्टेंट प्रोफेसरों के पद बैकलॉग कोटे से भरे जाएंगे।
बागवानी, लोक निर्माण और अन्य विभागों में भर्तियां
बागवानी विभाग में 40 बागवानी विस्तार अधिकारियों, 10 बागवानी विकास अधिकारियों और पांच वरिष्ठ सहायकों के पद भरने का निर्णय लिया गया। लोक निर्माण विभाग में 172 मल्टी टास्क वर्करों और 10 जूनियर इंजीनियरों (सिविल) की भर्ती को मंजूरी दी गई। पशुपालन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 116 पद भरे जाएंगे।
इसके अलावा कोषागार विभाग में 18 असिस्टेंट ट्रेजरी अधिकारियों, वन विभाग में 10 रेंज फॉरेस्ट अधिकारियों, राज्य कर एवं आबकारी विभाग में 10 जेओए (आईटी) और निर्वाचन विभाग में 13 निर्वाचन कानूनगो के पद भरने को मंजूरी दी गई। निगम विभाग में दो जूनियर रजिस्ट्रार और 30 असिस्टेंट इंस्पेक्टरों के पद सृजित कर भरे जाएंगे। अलग भर्ती निदेशालय के पहले चरण में 14 पद सृजित करने और भरने का भी निर्णय लिया गया।
33 लघु बिजली परियोजनाओं का आवंटन रद्द
कैबिनेट ने पांच मेगावाट से कम क्षमता वाली 33 लघु जलविद्युत परियोजनाओं का आवंटन रद्द करने का फैसला लिया। सरकार के अनुसार परियोजना आवंटन पाने वाले विकासकर्ताओं की ओर से इन्हें आगे बढ़ाने में गंभीरता नहीं दिखाई गई। वहीं, 126 मेगावाट की छतरू और 205 मेगावाट की रोपा-एक एवं तीन बिजली परियोजनाओं के आवंटन के लिए नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
पर्यटन, परिवहन और बुनियादी ढांचे पर भी फैसले
कैबिनेट ने सुजानपुर के राज्य स्तरीय होली मेले को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने को मंजूरी दी। हमीरपुर के पुराने बस अड्डे पर सिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा, जबकि सोलन जिले के बद्दी के शीतलपुर में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बनाया जाएगा। बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आठ मंजिला बहुस्तरीय पार्किंग और शौचालय परिसर का निर्माण होगा।
छोटा शिमला चौक का पुनर्विकास करने और लोगों की सुविधा के लिए अंडरपास बनाने को भी मंजूरी दी गई। शिमला जिले के कोटी में नया पुलिस पोस्ट खोला जाएगा और इसके लिए आठ पद सृजित किए जाएंगे। कांगड़ा जिले के दरिणी में जल शक्ति विभाग का नया सेक्शन खोलने, वहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड करने और संसारल में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया। ऊना जिले के गोकुल नगर और शिमला जिले की कोटखाई तहसील के फुफ्टू में केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण के लिए जमीन केंद्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।
अन्य अहम फैसले
कैबिनेट ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के मामलों की सुनवाई के लिए कांगड़ा और मंडी में एक-एक विशेष अदालत स्थापित करने को मंजूरी दी। गवाह संरक्षण योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
होमगार्ड स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को अचानक गंभीर संकट, बीमारी या चोट की स्थिति में राष्ट्रपति मेरिट सहायता योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की जाएगी। मृत्यु होने पर एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
हिमाचल प्रदेश ई-स्टांपिंग नियम, 2026 में संशोधन कर डिजिटल स्टांपिंग सेवाओं को वैधानिक मान्यता देने का निर्णय लिया गया। तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग का नाम बदलकर तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं उद्यमिता विकास विभाग किया जाएगा। विभाग में 40 असिस्टेंट लेक्चरर और 120 असिस्टेंट क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के पद भरने को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने पोषण नीति-2026, नौ इकोटूरिज्म स्थलों के आवंटन और एचपी शिवा परियोजना की अवधि जून 2028 से बढ़ाकर जून 2030 तक करने को भी मंजूरी दी। सरकारी स्कूलों में पीएम-पोषण योजना के तहत कार्यरत कुक-कम-हेल्परों को एक कैलेंडर वर्ष में 12 दिन का आकस्मिक अवकाश मिलेगा। इसके अतिरिक्त, एचपी गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला का नाम बदलकर राजीव गांधी राजकीय डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला करने और ऊना जिले के पीर निगाह मंदिर का प्रबंधन अपने अधीन लेने का फैसला किया गया।
खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली भारतीय टीमों के हिमाचली खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने के नियमों में भी संशोधन होगा। पुरस्कार सभी पात्र खिलाड़ियों में समान रूप से बांटा जा सकेगा या निर्धारित पुरस्कार का कम से कम 25 प्रतिशत प्रत्येक पात्र खिलाड़ी को देने के साथ आनुपातिक वितरण किया जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं के लिए जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारियों के पद सृजित करने को भी मंजूरी दी गई।
सरकारी कर्मचारियों के गृह जिले और एक ही जिले के भीतर तबादलों को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने हेतु उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में उपसमिति गठित की गई है। इसमें कृषि मंत्री चंद्र कुमार और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी सदस्य होंगे। कैबिनेट ने एंबुलेंस लिंक सड़कों के डिजाइन, निर्माण और प्रमाणन के लिए दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी दी, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।








