शिमला : लगभग एक महीने की लगातार कोशिशों और सभी आवश्यक सरकारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आज हम मीरा (काल्पनिक नाम) को नारी निकेतन सदन, मशोबरा में सुरक्षित छोड़ आए।
माता-पिता और अपने भाई को खोने के बाद मीरा के जीवन में परिस्थितियाँ ऐसी बन गई थीं कि उसकी देखभाल और भविष्य को लेकर कोई स्थायी सहारा उपलब्ध नहीं था। उसकी भाभी ने भी अपनी परिस्थितियों के अनुसार पूरी कोशिश की, लेकिन आगे उसकी जिम्मेदारी निभा पाना उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे में निष्काम सृजन फाउंडेशन ने मीरा को एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का सहारा दिलाने का प्रयास किया।
इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग, मार्गदर्शन और संवेदनशीलता के साथ हमारी मदद करने वाले सभी संबंधित अधिकारियों के हम हृदय से आभारी हैं।
आज मीरा के जीवन के एक कठिन अध्याय का समापन हुआ और एक नई राह की शुरुआत हुई। नारी निकेतन का वातावरण बहुत अच्छा है और वहाँ की सभी महिलाओं का जिस आत्मीयता और स्नेह से ध्यान रखा जाता हैं, उसे देखकर हमें भी बहुत संतोष और विश्वास मिला।
ईश्वर से हमारी प्रार्थना है कि मीरा यहाँ स्वस्थ, सुरक्षित और खुश रहे और अपने जीवन की इस नई शुरुआत को सम्मान, आत्मविश्वास और उम्मीद के साथ आगे बढ़ाए।
हम उन सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने इस प्रयास में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हमारा साथ दिया। आपका सहयोग और विश्वास हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत है।
हमें उम्मीद है कि मीरा के जीवन में अब आने वाला हर दिन पहले से बेहतर होगा, उसे अपनापन और सुरक्षा का एहसास मिलेगा और वह अपने जीवन में एक नई पहचान और नई खुशियों की ओर आगे बढ़ सकेगी।
आइए, हम सब मिलकर ऐसे ही उन लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण बनते रहें, जिन्हें जीवन की परिस्थितियों ने अकेला कर दिया है।
निष्काम सृजन फाउंडेशन की ओर से आज का दिन संतोष और भावुकता से भरा रहा
शिमला : लगभग एक महीने की लगातार कोशिशों और सभी आवश्यक सरकारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आज हम...
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