गेयटी में ‘सब्जी मंडी’ और ‘आत्म श्राद्ध’ सहित 10 पुस्तकों का लोकार्पण
शिमला : आधार प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड, पंचकूला एवं हिमाचल साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में गेयटी थियेटर सभागार, शिमला में आयोजित पुस्तक लोकार्पण एवं कहानी संवाद में मुख्य अतिथि राकेश कंवर (सचिव मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग) ने कहा कि “यह धारणा बिल्कुल गलत है कि हिमाचल में अच्छा नहीं लिखा जा रहा। आज लोकार्पित हुई ये पुस्तकें इस बात का जीवंत प्रमाण हैं।”
एस. आर. हरनोट ने मुख्य अतिथि, लेखकों और उपस्थित सुधीजनों का स्वागत किया। इस भव्य आयोजन में 50 से ज्यादा वरिष्ठ, युवा रचनाकार और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कंवर ने कहा कि आधार प्रकाशन द्वारा प्रकाशित ये पुस्तकें समकालीन समय की नब्ज पकड़ती हैं और हिमाचल के लेखन को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करती हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से निरंजन देव शर्मा के कहानी संग्रह ‘सब्जी मंडी’ और ईशिता आर. गिरीश के कहानी संग्रह ‘आत्म श्राद्ध’ का लोकार्पण हुआ। वक्ताओं ने दोनों संग्रहों की सराहना करते हुए कहा कि ‘सब्जी मंडी’ आज के बाजारवाद, उपभोक्तावाद और रिश्तों में घुले जहर की अत्यंत सामयिक और मार्मिक पड़ताल है, तो ‘आत्म श्राद्ध’ आत्म-क्षरण, अकेलेपन और स्त्री-मन की जटिलताओं को उजागर करने वाला साहसिक संग्रह है। दोनों ही संग्रह हमारे समय का सच कहते हैं।
इन दो प्रमुख पुस्तकों के साथ ही ‘महुआ डाबर’, ‘युनबुझ डायरी’, ‘प्रतिरूप’, ‘कालजयी कहानियां’, ‘1764 तथा अन्य कहानियां’, ‘डिस्टोपियन रचनाएं एवं फिल्म’, ‘भारतीय सिनेमा के शिल्पकार’ और ‘सूर्य अस्त, नेपाल मस्त’ सहित कुल 10 पुस्तकों का लोकार्पण भी श्री कंवर के कर-कमलों से संपन्न हुआ।
संवाद के क्रम में विजय विशाल ने ‘आत्म श्राद्ध’ पर और ईशिता आर. गिरीश ने ‘सब्जी मंडी’ पर अपना वक्तव्य दिया। दोनों लेखकों ने अपनी रचना-प्रक्रिया भी साझा की।
मंच पर मुख्य अतिथि के साथ आधार प्रकाशन के निदेशक श्री देश निर्मोही, प्रख्यात आलोचक डॉ. हेमराज कौशिक और सुप्रसिद्ध कथाकार एस. आर. हरनोट मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ. कौशिक और श्री हरनोट ने की। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सत्यनारायण स्नेही ने साहित्यिक टिप्पणियों के साथ खूबसूरत अंदाज में किया।









