शिमला : महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की समय रहते पहचान और रोकथाम के उद्देश्य से निष्काम सृजन फाउंडेशन द्वारा ३० सितम्बर २०२६ को महालेखाकार कार्यालय, गॉर्टन कैसल, द मॉल, शिमला में पैप-स्मीयर जांच शिविर आयोजित किया गया।
शिविर का उद्देश्य पैप-स्मीयर जांच द्वारा। गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होने वाले असामान्य बदलावों की शुरुआती पहचान है। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रमुख कारण उच्च जोखिम वाले मानव पेपिलोमा विषाणु (HPV) का लंबे समय तक बना रहने वाला संक्रमण है। पैप-स्मीयर जांच के माध्यम से संक्रमण तथा गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होने वाले शुरुआती बदलावों की पहचान की जा सकती है। समय पर पहचान और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार से कैंसर को विकसित होने से रोकने में सहायता मिलती है।
महालेखाकार कार्यालय की आउटसोर्स महिला कर्मचारी
राष्ट्रीय लेखा परीक्षा एवं लेखा अकादमी की आउटसोर्स महिला कर्मचारी तथा
नगर निगम शिमला की महिला सफाई मित्रों नें जांच कराई।
शिविर का आयोजन महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता तथा कमला नेहरू अस्पताल की चिकित्सा एवं तकनीकी टीम के सहयोग से किया गया। डॉ॰ सरिता ने महिलाओं, संबंधित और भी रोगों के बारे में वहां उपस्थित महिलाओं से बातचीत की।
निष्काम सृजन फाउंडेशन ने महिलाओं से अपील की कि वे स्वास्थ्य संबंधी जांच को लेकर किसी भी प्रकार की झिझक न रखें और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय पर एचपीवी जांच तथा गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच करवाएं।
निष्काम सृजन फाउंडेशन ने प्रधान महालेखाकार श्री पुरुषोत्तम तिवारी का विशेष आभार व्यक्त किया। उनके निरंतर सहयोग और समर्थन से महालेखाकार कार्यालय परिसर में इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य शिविर का आयोजन संभव हुआ।
फाउंडेशन ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कमला नेहरू अस्पताल तथा दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का भी सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही नगर निगम शिमला की मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजली चौहान के सहयोग के लिए भी आभार प्रकट किया।
फाउंडेशन की ओर से माला सिंह, तरुणा कौशल, अरुणा शर्मा, आदर्श सिंह, मननदीप सोंध, प्रिया भोज, गीतांजलि भागडा और गुरप्रीत सोंध उपस्थित रहे।
निष्काम सृजन फाउंडेशन का संदेश
“जागरूकता बढ़ाएं, समय पर एचपीवी जांच और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच करवाएं। समय रहते पहचान और उपचार के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाएं।”








