शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने सामाजिक सरोकार के दायित्व का निर्वहन करते हुए मानवीय संवेदनाओं के साथ नवोन्मेषी पहल की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपना पहला वेतन प्रदेश सरकार द्वारा गठित मुख्यमंत्री सुखाश्रय सहायता कोष में प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने नव वर्ष के पावन अवसर पर प्रदेश में सुखाश्रय कोष स्थापित करने की घोषणा की थी, ताकि इस कोष के माध्यम से प्राप्त राशि से जरूरतमंद बच्चों और निराश्रित महिलाओं को उच्च शिक्षा प्रदान की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित यह सहायता कोष समाज में वंचित रहे बच्चों और महिलाओं को आगे बढ़ने में मदद करेगा। इससे वह अपने जीवन के ध्येय को प्राप्त करने के लिए निरन्तर आगे बढ़ सकते हैं। साथ ही उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर देश और समाज की प्रगति और खुशहाली में अपना योगदान सुनिश्चित करने का अवसर भी प्राप्त होगा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा ‘यह कदम करुणा नहीं, बल्कि अधिकार है।’ मुख्यमंत्री की इस पहल से न केवल जनप्रतिनिधि बल्कि आम नागरिक भी इस कोष में योगदान के लिए प्रेरित होंगे।
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अधिक अल्कोहल युक्त दवाओं के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होगी और इन्हें केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही दिया जाएगा...
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