स्कूली छात्रों ने जागरूकता गतिविधियों के जरिए दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
शिमला : पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश के विद्यालयों में विश्व पृथ्वी दिवस पूरे उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “Our Power, Our Planet” के अनुरूप छात्रों और शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रभावी रूप से अभिव्यक्त किया।
समग्र शिक्षा के अंतर्गत पृथ्वी दिवस के कार्यक्रम प्रदेशभर के लगभग 6,282 विद्यालयों में आयोजित किए गए, जिनमें करीब 1,80,215 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इन आयोजनों को सफल बनाने में 18,658 शिक्षकों की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही। इस अवसर पर स्कूलों में पौधारोपण अभियान, स्वच्छता अभियान, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं तथा जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
इन कार्यक्रमों से यह स्पष्ट हुआ कि प्रदेश के बच्चों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता निरंतर मजबूत हो रही है। विद्यालयों ने इस दिवस को केवल एक औपचारिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि एक सार्थक और शिक्षाप्रद पहल के रूप में मनाया, जिससे विद्यार्थियों में जिम्मेदार नागरिक बनने और प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रदेश के स्कूलों में बड़े स्तर की यह व्यापक सहभागिता विद्यार्थियों और शिक्षकों की उस सतत प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, जिसके माध्यम से भावी पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति सजग, जिम्मेदार और उत्तरदायी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि पृथ्वी दिवस के आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाया गया, ताकि वे सतत विकास की दिशा में सकारात्मक योगदान दे सकें।
उल्लेखनीय है कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पृथ्वी को प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन व प्राकृतिक संसाधनों के अधिक उपयोग से बचाने के लिए विश्व पृथ्वी दिवस हर साल मनाया जाता है। यह दिवस लोगों को बढ़ते तापमान के खतरे, उसके हमारे जीवन पर प्रभाव और पर्यावरण को बचाने के उपायों के बारे में जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।







