शिमला : शिमला एमेच्योर गार्डन एवं एनवायरनमेंट सोसायटी (सेजिस) द्वारा शिमला अन्तर्राष्ट्रीय ग्रीष्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। ग्रीष्म महोत्सव का यह आयोजन प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।
प्रदर्शनी में लगभग 100 व्यक्तिगत पुष्प प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। इसके अतिरिक्त चार विभागों—भारतीय सेना हेरिटेज, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी, सीपीडब्ल्यूडी तथा उद्यान विभाग—ने भी अपनी आकर्षक प्रदर्शनी लगाकर भागीदारी निभाई।
उद्यान विभाग द्वारा प्रोत्साहित 8 मालियों ने भी प्रतियोगिता में भाग लिया, जिनमें 7 पुरुष तथा 1 महिला माली, अवंतिका, शामिल थीं।पुष्प प्रदर्शनी में सजावटी पत्तेदार पौधों, बहुवर्षीय एवं कंदीय पुष्पों, कट फ्लावर, कैक्टस एवं रसीले पौधों, हैंगिंग बास्केट, ऑर्किड, बोनसाई, ताजे एवं सूखे पुष्प सज्जा, घर में निर्मित फूलदान, लघु (फेयरी) गार्डन तथा टेरारियम सहित विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मकता, उद्यानिकी कौशल एवं प्रकृति प्रेम का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शिमला अंतर्राष्ट्रीय ग्रीष्मोत्सव के अंतर्गत आयोजित पुष्प प्रदर्शनी के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। प्रदर्शनी में व्यक्तिगत प्रतिभागियों के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सर्वश्रेष्ठ स्टॉल (Best Booth)
प्रथम पुरस्कार – Indian Institute of Advanced Studies
द्वितीय पुरस्कार – Army Heritage Museum
तृतीय पुरस्कार – CPWD, Department of Horticulture,
5 पॉट एंट्री श्रेणी
प्रथम पुरस्कार – सतीश (CPWD)
द्वितीय पुरस्कार – राजेन्द्र कुमार
कट फ्लावर श्रेणी
प्रथम पुरस्कार- अनिल ठाकुर द्वितीय पुरस्कार मस्तराम
कार्नेशन श्रेणी।
प्रथम पुरस्कार- लक्ष्मीदास
लिलियम श्रेणी
प्रथम पुरस्कार – भुवनेश्वर कुमार
द्वितीय पुरस्कार – ओम प्रकाश
ग्लैडियोलस श्रेणी
प्रथम पुरस्कार – राजेन्द्र कुमार
गुलाब श्रेणी
प्रथम पुरस्कार – केशव राम
द्वितीय पुरस्कार – अवंतिका
एल्स्ट्रोमेरिया श्रेणी
प्रथम पुरस्कार- शिशुराम, हॉर्टिकल्चर
सीजल श्रेणी
प्रथम पुरस्कार -मोहनलाल
द्वितीय पुरस्कार-अरुण कुमार
सीज़नल फ्लावर्स
प्रथम पुरस्कार – मोहन लाल
द्वितीय पुरस्कार – अरुण कुमार
प्रदर्शनी में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक पुष्प सज्जा एवं उत्कृष्ट उद्यानिकी कौशल ने दर्शकों का भरपूर ध्यान आकर्षित किया। आयोजकों ने सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।
पुष्प प्रदर्शनी की व्यक्तिगत श्रेणी में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में
श्रीमती गीता दत्ता ने सर्वाधिक 7 पुरस्कार प्राप्त किए,
जबकि मेजर ऋतु कालरा और श्रीमती सुरभि करोल ने 5-5 पुरस्कार अपने नाम किए। अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति और समग्र प्रदर्शन के लिए श्रीमती सुरभि करोल को ‘बेस्ट एग्ज़िबिटर’ के सम्मान से भी नवाज़ा गया। इसके अतिरिक्त श्री स्वराज ललित तथा ए.पी.एस. कोच्छर ने 2-2 पुरस्कार अर्जित किए। श्री सतीश भल्ला को भी उनकी आकर्षक पुष्प प्रविष्टियों के लिए सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनी में प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न पुष्पों एवं सजावटी पौधों की आकर्षक प्रदर्शनी ने दर्शकों और निर्णायकों को विशेष रूप से प्रभावित किया तथा स्थानीय बागवानी प्रेमियों की रचनात्मकता, सौंदर्यबोध और उत्साह का सुंदर परिचय दिया।
इस वर्ष प्रदर्शनी के दौरान रखी गई डिजिटल विज़िटर बुक में आगंतुकों ने अपने बहुमूल्य सुझाव एवं प्रतिक्रियाएँ दर्ज कीं। अनेक वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा बागवानी प्रेमियों ने उल्लेख किया कि इस बार सेजिस के स्टॉल पर पुष्पों की बिक्री न होने के कारण वे अपनी पसंद के उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले फूल एवं पौधे नहीं खरीद सके। साथ ही, कई आगंतुकों ने यह भी महसूस किया कि सीमित स्थान के कारण प्रदर्शनी में प्रदर्शित पुष्पों और पौधों को पर्याप्त रूप से व्यवस्थित नहीं किया जा सका, जिससे उनकी प्राकृतिक सुंदरता और आकर्षण पूरी तरह उभरकर सामने नहीं आ पाया। आगंतुकों ने भविष्य में प्रदर्शनी के लिए अधिक विस्तृत स्थान उपलब्ध कराने तथा पुष्प विक्रय की व्यवस्था पुनः शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि दर्शक प्रदर्शनी का और अधिक आनंद ले सकें तथा बागवानी के प्रति उनका उत्साह और बढ़े।
सेजिस की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा भारद्वाज ने जिला प्रशासन द्वारा प्रदान किए गए सहयोग एवं हर संभव सहायता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों, विभागों, प्रायोजकों, स्वयंसेवकों एवं आगंतुकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदर्शनी की सफलता बागवानी, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति लोगों के बढ़ते लगाव का प्रमाण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा।








