अनुष्का बोली, एग्जाम वारियर्स से परीक्षा का डर खत्म, अब उत्सव जैसी लगती है परीक्षा
पीएम मोदी ने बच्चों का किया मार्गदर्शन, अभिभावकों से भी एग्जाम वारियर्स पढ़ने की अपील
शिमला : स्कूली छात्रों को परीक्षा से जुड़े तनाव से मुक्त करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष कार्यक्रम “परीक्षा पे चर्चा 2026” आज आयोजित किया गया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, उदयपुर की 10वीं कक्षा की छात्रा अनुष्का को प्रधानमंत्री से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का प्रदेशभर के स्कूलों में प्रभावी प्रसारण सुनिश्चित करने के लिए समग्र शिक्षा की ओर से विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों और एससीईआरटी के सहयोग से हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की और कार्यक्रम को लाइव देखा।
अनुष्का का अनुभव: एग्जाम वारियर्स से बदली सोच
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री से संवाद करते हुए अनुष्का ने उनकी पुस्तक “एग्जाम वारियर्स” का उल्लेख किया और बताया कि इस पुस्तक ने उन्हें परीक्षा के डर से बाहर निकलने में मदद की है। अनुष्का ने कहा कि पहले जब परीक्षा की डेटशीट जारी होती थी, तो उन्हें डर लगने लगता था। लेकिन एग्जाम वारियर्स पढ़ने के बाद उनका डर खत्म हो गया है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का मूल संदेश यही है कि परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि उत्सव की तरह लेना चाहिए, जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है।
पीएम मोदी का संदेश: डर मन से आता है, सोच बदलें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुष्का से संवाद करते हुए कहा कि इस तरह की समस्याएं अक्सर मन से उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह एग्जाम वारियर्स अनुष्का के लिए उपयोगी साबित हुई, उसी तरह यह पुस्तक अन्य छात्रों के लिए भी मददगार हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे अपने अभिभावकों और परिवार के वरिष्ठ सदस्यों को भी यह पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने दोहराया कि परीक्षा का पहला मंत्र यही है कि इसे फेस्टिवल की तरह लें और इसे सेलिब्रेट करें।
पीएम मोदी से सीधा संवाद अनुष्का के लिए बना यादगार अनुभव
अनुष्का हिमाचल प्रदेश से एकमात्र छात्रा थीं, जिन्हें परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिला। उनके साथ एस्कॉर्ट शिक्षिका पूनम आनंद मौजूद रहीं। अनुष्का के लिए यह अनुभव जीवन का सबसे अनूठा और अविस्मरणीय क्षण बन गया। कार्यक्रम में अनुष्का सहित देशभर से 36 चयनित छात्र शामिल हुए, जिन्होंने प्रधानमंत्री से सीधे संवाद किया।
हिमाचल के स्कूलों में दिखा उत्साह, पीएम मोदी ने दिया स्ट्रेस-फ्री पढ़ाई का मंत्र
“परीक्षा पे चर्चा 2026” के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से भी संवाद किया। कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के स्कूलों में खासा उत्साह देखने को मिला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा जीवन और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके साथ खेल, गतिविधियां और कौशल विकास भी उतने ही जरूरी हैं। उन्होंने छात्रों को सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सपने न देखना अपराध है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए स्पष्ट योजना और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सुविधाएं सफलता की गारंटी नहीं होती, बल्कि फोकस, मेहनत और आत्मविश्वास ही असली ताकत हैं। प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि कई टॉपर्स कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े होते हैं।
टाइम मैनेजमेंट, क्रिएटिविटी और पेरेंट्स की भूमिका पर जोर
समय प्रबंधन को लेकर प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे रोजमर्रा के कार्यों को डायरी में लिखें और उनकी समीक्षा करें, जिससे तनाव कम होगा। उन्होंने बच्चों को नई चीजें सीखने, कंटेंट क्रिएशन में रचनात्मकता अपनाने और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर काम करने के लिए भी प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उन्हें सहयोग व समझदारी के साथ आगे बढ़ने दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंक जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होते, बल्कि शिक्षा और कौशल का संतुलन ही जीवन को सफल बनाता है। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए छात्रों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री से संवाद के लिए हिमाचल से उदयपुर स्कूल की छात्रा अनुष्का का चयन किया गया था। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के स्कूलों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, ताकि अधिक से अधिक छात्र इससे जुड़ सकें। राजेश शर्मा ने कहा कि कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करने और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक साबित हो रहा है।








